नफरत की दुनिया को छोड़ के – Nafrat Ki Duniya Ko Chhod Ke (Md.Rafi, Haathi Mere Saathi)
“Nafrat Ki Duniya Ko Chhod Ke” एक बेहद मार्मिक और संवेदनशील गीत है जो 1971 की सुपरहिट फिल्म “हाथी मेरे साथी” से लिया गया है। इस गीत को गाया है स्वर्गीय मोहम्मद रफ़ी ने अपनी दिल को छू लेने वाली आवाज़ में। इसका संगीत रचा है मशहूर संगीतकार जोड़ी लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल ने और इसके बोल लिखे हैं महान गीतकार आनंद बक्षी ने। यह गीत ना सिर्फ एक बच्चे की मासूम भावनाओं को दर्शाता है बल्कि प्रेम, करुणा और बलिदान के गहरे संदेश को भी आगे बढ़ाता है।

नफरत की दुनिया को छोड़ के – Nafrat Ki Duniya Ko Chhod Ke Song Credits
- Movie/Album: हाथी मेरे साथी (1971)
- Music : लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल
- Lyrics : आनंद बक्षी
- Singer : मो.रफ़ी
नफरत की दुनिया को छोड़ के – Nafrat Ki Duniya Ko Chhod Ke Song
नफरत की दुनिया को छोड़ के
खुश रहना मेरे यार
इस झूठ की नगरी से तोड़ के
नाता जा प्यारे
अमर रहे तेरा प्यार
खुश रहना मेरे यार…
जब जानवर कोई इंसान को मारे
कहते हैं दुनिया में वहशी उसे सारे
एक जानवर की जान आज इंसानों ने ली है
चुप क्यों है संसार
खुश रहना मेरे यार…
बस आखिरी सुन ले, ये मेल है अपना
बस ख़त्म है साथी, ये खेल है अपना
अब याद में तेरी बीत जायेंगे रो रो के
जीवन के दिन चार
नफरत की दुनिया को…
