पंछी रे ओ पंछी – Panchhi Re O Panchhi, Asha, Rafi, Hare Kanch Ki Chooriyan
“Panchhi Re O Panchhi” एक ऐसा गीत है जो सुनते ही मन दर्शन और भावना के उस बिंदु पर पहुंच जाता है, जहाँ इंसान खुद से सवाल करता है। यह गीत न सिर्फ़ मोहब्बत की बात करता है, बल्कि आजादी, पहचान और दिशा जैसे बड़े विषयों को भी छू जाता है। यह गाना हर उस श्रोता के मन में सवाल छोड़ जाता है, क्या हम भी किसी न किसी रूप में बंधन में नहीं हैं?

पंछी रे ओ पंछी – Panchhi Re O Panchhi Song Credits
- Movie/Album: हरे काँच की चूड़ियाँ (1967)
- Music : शंकर-जयकिशन
- Lyrics : शैलेन्द्र
- Singers :आशा भोंसले, मो.रफ़ी
पंछी रे ओ पंछी – Panchhi Re O Panchhi Song Lyrics in Hindi
पंछी रे ओ पंछी
उड़ जा रे ओ पंछी
मत छेड़ तू ये तराने
हो जाए ना दो दिल दीवाने
पंछी रे ओ पंछी
उड़ जा रे ओ पंछी
हम करीब आ गए
मंज़िलों को पा गए
भा गया हमे कोई
हम किसी को भा गए
पंछी रे ओ पंछी…
गा रही है ज़िन्दगी
मन के सुर बहार पे
आसमां पे छाएँगे
अब ये गीत प्यार के
पंछी रे ओ पंछी…
ये मिलन की रागिनी
एक मैं और एक वो
मिल गए एक हो गए
आज हम नहीं हैं दो
पंछी रे ओ पंछी…
