रात का समां – Raat Ka Sama, Lata Mangeshkar, Ziddi
“Raat Ka Sama” फ़िल्म जिद्दी का एक मधुर और रोमांटिक गीत है, जो चांदनी रात, प्यार और खामोश लम्हों की खूबसूरती को दर्शाता है। लता मंगेशकर की सुरमई आवाज़, शंकर-जयकिशन का दिलकश संगीत, और हसरत जयपुरी के भावपूर्ण बोल इस गाने को एक अमर गीत बनाते हैं।

रात का समां – Raat Ka Sama Song Credits
- Movie/Album: जिद्दी (1964)
- Music By: एस.डी.बर्मन
- Lyrics By: हसरत जयपुरी
- Singer : लता मंगेशकर
रात का समां – Raat Ka Sama Lyrics in Hindi
रात का समा, झूमे चंद्रमा
तन मोरा नाचे रे, जैसे बिजुरियाँ
देखो, देखो, देखो, हूँ नदी प्यार की
सुनो, सुनो, सुनो, बाँधे मैं ना बँधी
मैं अलबेली, मान लो बड़ी जिद्दी, माने मुझ को जहाँ
नाचू, नाचू, नाचू, मोरनी बाग की
डोलू, डोलू, डोलू, हिरनियाँ मदभरी
घूँघर बाजे, छमाछम घूँघर बाजे, आरजू हैं जवान
धीरे, धीरे, धीरे, जीत मेरी हुयी
होले, होले, होले, हार तेरी हुयी
तेरी तरह, जा रे जा बहोत देखे, मुझ सा कोई कहा
