रिश्ते बनते हैं – Rishte Bante Hain, Asha Bhosle, Dil Padosi Hai
“Rishte Bante Hain” एक संवेदनशील और सूक्ष्म भावनाओं से भरा गीत है, जो रिश्तों की परिभाषा, उनकी शुरुआत और उनके बनने-बिगड़ने की प्रक्रिया को बेहद गहराई से छूता है। यह गीत 1980 के दशक की क्लासिक टीवी सिरीज़ “दिल पड़ोसी है” का हिस्सा था, जो गुलज़ार के निर्देशन और लेखन का अनूठा उदाहरण है।

रिश्ते बनते हैं – Rishte Bante Hain Song Credits
- Movie/Album: दिल पड़ोसी है (1987)
- Music : आर.डी.बर्मन
- Lyrics : गुलज़ार
- Singer : आशा भोंसले
रिश्ते बनते हैं – Rishte Bante Hain Song Lyrics in Hindi
रिश्ते बनते हैं, बड़े धीरे-से, बनने देते
कच्चे लम्हें को ज़रा शाख़ पे पकने देते
रिश्ते बनते हैं…
एक चिंगारी का उड़ना था कि पर काट दिये
आँच आई थी, ज़रा आग तो जलने देते
कच्चे लम्हें को…
एक ही लम्हें पे इक साथ गिरे थे दोनों
ख़ुद सँभलते या ज़रा मुझको सँभलने देते
कच्चे लम्हें को…
