सबसे ऊंची प्रेम सगाई – Sabse Unchi Prem Sagai, Jagjit Singh
कृष्ण भजन भारतीय संस्कृति और भक्ति संगीत का एक अनमोल हिस्सा हैं। इनमें से एक प्रमुख भजन है “Sabse Unchi Prem Sagai”, जिसे अपनी मधुर और गहरी आवाज़ में प्रस्तुत किया है प्रसिद्ध गायक जगजीत सिंह ने। यह भजन भगवान कृष्ण की अनंत महिमा और राधा-कृष्ण के दिव्य प्रेम का वर्णन करता है।

सबसे ऊंची प्रेम सगाई – Sabse Unchi Prem Sagai Bhajan Credits
- Song Name – Sab Se Oonchi Prem Sagai (Mahamantra – Hare Krishna)
- Singer – Jagjit Singh
- Lyrics – Surdas
- Music Composer – Jagjit Singh
- Music Label – Sony
- Music Entertainment India Pvt. Ltd.
सबसे ऊंची प्रेम सगाई – Sabse Unchi Prem Sagai Bhajan Lyrics
सबसे ऊंची प्रेम सगाई,
सबसे ऊंची प्रेम सगाई ।
दुर्योधन के मेवा त्याग्यो,
साग विदुर घर खाई ।
सबसे ऊंची प्रेम सगाई ।
जूठे फल शबरी के खाये,
बहु विधि स्वाद बताई ।
सबसे ऊंची प्रेम सगाई ।
राजसूय यज्ञ युधिष्ठिर कीन्हा,
तामे जूठ उठाई ।
सबसे ऊंची प्रेम सगाई ।
प्रेम के बस पारथ रथ हांक्यो,
भूल गये ठकुराई ।
सबसे ऊंची प्रेम सगाई ।
ऐसी प्रीत बढ़ी वृन्दावन,
गोपियन नाच नचाई ।
सबसे ऊंची प्रेम सगाई ।
प्रेम के बस नृप सेवा कीन्हीं,
आप बने हरि नाई ।
सबसे ऊंची प्रेम सगाई ।
सूर क्रूर एहि लायक नाहीं,
केहि लगो करहुं बड़ाई ।
सबसे ऊंची प्रेम सगाई ।
