श्री शीतला माता जी की आरती – Sheetla Mata Ki Aarti – Tara Devi
Sheetla Mata की आरती एक प्राचीन हिंदू आरती है जो माँ शीतला को समर्पित है। शीतला माता हिंदू धर्म में एक महत्वपूर्ण देवी हैं, जिन्हें बीमारियों की रक्षा करने वाली माँ माना जाता है। आरती का पाठ करने से पूरे घर में शांति और समृद्धि की प्राप्ति होती है। शीतला माता की आरती का पाठ करने से भक्त का मन ध्यान में लगता है और वह उनकी कृपा को प्राप्त करता है। शीतला माता की आरती में उनकी महिमा, शक्ति, और कृपा का गान किया जाता है। यह आरती माँ शीतला को निवेदन करने का एक उपाय है और उनकी कृपा की प्रार्थना करने का एक साधन है। इस आरती को ध्यानपूर्वक गाने से भक्त अपने मन को पवित्र और शांतिपूर्ण बनाते हैं, और उनके जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आती है। यह आरती शीतला माता के प्रति भक्ति और श्रद्धा का प्रतीक है।

श्री शीतला माता जी की आरती – Sheetla Mata Ki Aarti Details
- ► Album – Sheetla Mata Aarti
- ► Song – Sheetla Mata Aarti
- ► Singer – Tara Devi
- ► Music – Amit Singh
- ► Lyrics – Traditional
- ➤ Label – Vianet Media
- ➤ Sub Label – Ambey
श्री शीतला माता जी की आरती – Sheetla Mata Ki Aarti Hindi Lyrics
जय शीतला माता,
मैया जय शीतला माता ।
आदि ज्योति महारानी,
सब फल की दाता ॥
ॐ जय शीतला माता..॥
रतन सिंहासन शोभित,
श्वेत छत्र भाता ।
ऋद्धि-सिद्धि चँवर ढुलावें,
जगमग छवि छाता ॥
ॐ जय शीतला माता,
मैया जय शीतला माता ।
विष्णु सेवत ठाढ़े,
सेवें शिव धाता ।
वेद पुराण वरणत,
पार नहीं पाता ॥
ॐ जय शीतला माता,
मैया जय शीतला माता ।
इन्द्र मृदङ्ग बजावत,
चन्द्र वीणा हाथा ।
सूरज ताल बजावै,
नारद मुनि गाता ॥
ॐ जय शीतला माता,
मैया जय शीतला माता ।
घण्टा शङ्ख शहनाई,
बाजै मन भाता ।
करै भक्तजन आरती,
लखि लखि हर्षाता ॥
ॐ जय शीतला माता,
मैया जय शीतला माता ।
ब्रह्म रूप वरदानी,
तुही तीन काल ज्ञाता ।
भक्तन को सुख देती,
मातु पिता भ्राता ॥
ॐ जय शीतला माता,
मैया जय शीतला माता ।
जो जन ध्यान लगावे,
प्रेम शक्ति पाता ।
सकल मनोरथ पावे,
भवनिधि तर जाता ॥
ॐ जय शीतला माता,
मैया जय शीतला माता ।
रोगों से जो पीड़ित कोई,
शरण तेरी आता ।
कोढ़ी पावे निर्मल काया,
अन्ध नेत्र पाता ॥
ॐ जय शीतला माता,
मैया जय शीतला माता ।
बांझ पुत्र को पावे,
दारिद्र कट जाता ।
ताको भजै जो नाहीं,
सिर धुनि पछताता ॥
ॐ जय शीतला माता,
मैया जय शीतला माता ।
शीतल करती जननी,
तू ही है जग त्राता ।
उत्पत्ति व्याधि बिनाशन,
तू सब की घाता ॥
ॐ जय शीतला माता,
मैया जय शीतला माता ।
दास विचित्र कर जोड़े,
सुन मेरी माता ।
भक्ति आपनी दीजै,
और न कुछ भाता ॥
जय शीतला माता,
मैया जय शीतला माता ।
आदि ज्योति महारानी,
सब फल की दाता ॥
ॐ जय शीतला माता..॥
