Shiv Ki Jata Se Barse Ganga Ki Dhar Hai- शिव की जटा से बरसे, गंगा की धार है
Shiv Ki Jata Se Barse Ganga Ki Dhar Hai भजन है जिसे Sanjay Singh Chauhan ने गाया है। इस भजन को Raghav Sharma ने लिखा और Gautam Gadoiya संगीत दिया है। इसे Ambey Bhakti यूट्यूब चैनल द्वारा जारी किया गया है।

Shiv Ki Jata Se Barse Ganga Ki Dhar Hai – शिव की जटा से बरसे, गंगा की धार है , Song Details
- Album – Shiv Ki Jata Se Barse
- Song – Shiv Ki Jata Se Barse
- Singer – Sanjay Singh Chauhan
- Music – Gautam Gadoiya
- Lyrics – Raghav Sharma
- Label – Vianet Media
- Sub Label – Ambey
- Parent Label(Publisher) – Shubham Audio Video Private Limited
Shiv Ki Jata Se Barse Ganga Ki Dhar Hai – शिव की जटा से बरसे, गंगा की धार है – Lyrics in Hindi
शिव की जटा से बरसे,
गंगा की धार है,
गंगा की धार है,
महीना ये सावन का है,
छाई बहार है ॥
कावड़िये भर भर के,
चढाने कावड़ निकले है,
हर जुबां से बम बम के,
जय जयकारे निकले है,
शिवमय हुआ है देखो,
सारा संसार है,
सारा संसार है,
महीना ये सावन का है,
छाई बहार है ॥
भोले की भक्ति में,
झूम रहे नर और नारी है,
अभिषेक करने को,
भीड़ पड़ी भी भारी है,
सजा है शिवालय देखो,
आज सोमवार है,
आज सोमवार है,
महीना ये सावन का है,
छाई बहार है ॥
मेरा भोला बाबा है,
इनके भक्त सभी प्यारे,
इक लौटा जल से ही,
कर दे ये वारे न्यारे,
‘राघव’ मिला है जो भी,
बाबा का प्यार है,
बाबा का प्यार है,
महीना ये सावन का है,
छाई बहार है ॥
शिव की जटा से बरसे,
गंगा की धार है,
गंगा की धार है,
महीना ये सावन का है,
छाई बहार है ॥
