Siyarani Ka Achal Suhag Rahe

सियारानी का अचल सुहाग रहे – Siyarani Ka Achal Suhag Rahe, Anuja Bharti

“Siyarani Ka Achal Suhag Rahe” एक सुंदर भजन है, जिसे श्रीराम के भक्ति में रचा गया है। इस भजन को सिंगर अनुजा भारती द्वारा गाया गया है। इस भजन में सीता माता के प्रति श्रद्धा और समर्पण व्यक्त किया गया है, साथ ही श्रीराम और सीता के अडिग प्रेम का बखान भी किया गया है। अनुजा भारती की आवाज़ में एक अलग ही मधुरता है जो श्रोताओं को भक्ति के रस में डुबो देती है।

सियारानी का अचल सुहाग रहे
Siyarani Ka Achal Suhag Rahe

सियारानी का अचल सुहाग रहे – Siyarani Ka Achal Suhag Rahe Bhajan Credits

  • Song :- Siyarani Ka Achal Suhag Rahe
  • Singer :- Anuja Bharti

सियारानी का अचल सुहाग रहे – Siyarani Ka Achal Suhag Rahe Bhajan

मेरे मिथिला देश में, आओ दूल्हा भेष ।
ताते यही उपासना, चाहिए हमें हमेशा ॥

सियारानी का अचल सुहाग रहे ।
मैया रानी का अचल सुहाग रहे ।
राजा राम जी के सिर पर ताज रहे ॥

जब तक पृथ्वी अहिषीश रहे ।
नभ में शशि सूर्य प्रकाश रहे ।
गंगा जमुना की धार रहे ।
तब तक यह बानक बना रहे ॥
॥ सियारानी का अचल सुहाग रहे…॥

ये बना रहें वे बनीं रहें ।
नित बना बनीं में बनीं रहें ॥
अविचल श्री अवध का राज रहे ।
अविरल श्री सरयू की धार बहे ।
॥ सियारानी का अचल सुहाग रहे…॥

प्रेमीजन का बरभाग रहे ।
चरणों में नित अनुराग रहे ॥
ये सुहाग रहे सिरताज रहे ।
नित नित यह बानक बना रहे ॥
॥ सियारानी का अचल सुहाग रहे…॥

सियारानी का अचल सुहाग रहे ।
मैया रानी का अचल सुहाग रहे ।
राजा राम जी के सिर पर ताज रहे ॥

सियारानी का अचल सुहाग रहे – Siyarani Ka Achal Suhag Rahe Bhajan

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