सुहानी रात ढल चुकी – Suhani Raat Dhal Chuki, Md.Rafi, Dulari
“Suhani Raat Dhal Chuki, न जाने तुम कब आओगे” एक ऐसा अमर गीत है जो प्रेम, प्रतीक्षा और वेदना का त्रिवेणी संगम है। इस गीत में एक प्रेमी की बेचैनी और इंतज़ार की पीड़ा झलकती है, जो रातभर जागते हुए अपने प्रिय के आने की आस लगाए बैठा है। ये गीत प्रेम में डूबे उस मन की अभिव्यक्ति है, जो हर आहट में अपने प्रिय के क़दमों की आहट ढूंढ़ता है।

सुहानी रात ढल चुकी – Suhani Raat Dhal Chuki Song Credits
- Movie/Album: दुलारी (1949)
- Music : नौशाद
- Lyrics : शकील बदायुनी
- Singer : मो.रफी
सुहानी रात ढल चुकी – Suhani Raat Dhal Chuki Song Lyrics in Hindi
सुहानी रात ढल चुकी, ना जाने तुम कब आओगे
जहां की रुत बदल चुकी, ना जाने तुम कब आओगे
नज़ारे अपनी मस्तियाँ, दिखा-दिखा के सो गये
सितारे अपनी रोशनी, लुटा-लुटा के सो गये
हर एक शम्मा जल चुकी, ना जाने तुम कब आओगे
सुहानी रात ढल…
तड़प रहे हैं हम यहाँ, तुम्हारे इंतज़ार में
खिजां का रंग, आ-चला है, मौसम-ए-बहार में
हवा भी रुख बदल चुकी, ना जाने तुम कब आओगे
सुहानी रात ढल…
