सुख के सब साथी – Sukh Ke Sab Saathi, Md.Rafi, Gopi
“Sukh Ke Sab Saathi” एक ऐसा अमर गीत है जो जीवन की सच्चाई, दोस्ती की पहचान और आत्मा की पुकार को उजागर करता है।मोहम्मद रफ़ी की आत्मीय आवाज़, कल्याणजी-आनंदजी की भावपूर्ण धुन और राजिंदर कृष्ण की सच्चाई से भरे बोल इस गीत को बना देते हैं हर युग के श्रोता के लिए प्रासंगिक और प्रेरणादायक।

सुख के सब साथी – Sukh Ke Sab Saathi Song Credits
- Movie/Album: गोपी (1970)
- Music : कल्याणजी-आनंदजी
- Lyrics : राजिंदर कृषण
- Singer : मो.रफ़ी
सुख के सब साथी – Sukh Ke Sab Saathi Song Lyrics in Hindi
सुख के सब साथी, दुःख में ना कोई
मेरे राम, मेरे राम
तेरा नाम एक साचा दूजा न कोई
जीवन आनी-जानी छाया
झूठी माया झूठी काया
फिर काहे को सारी उमरिया
पाप की गठरी धोई
सुख के सब साथी…
ना कुछ तेरा ना कुछ मेरा
ये जग जोगी वाला फेरा
राजा हो या रंक सभी का
अंत एक सा होई
सुख के सब साथी…
बाहर की तू माटी फांके
मन के भीतर क्यूँ न झांके
उजले तन पर मान किया
और मन की मैल ना धोई
सुख के सब साथी…
