तू किसी रेल सी गुज़रती है – Tu Kisi Rail Si Guzarti Hai, Swanand Kirkire, Masaan
“Tu Kisi Rail Si Guzarti Hai” समकालीन हिंदी गीतों में एक अनमोल रचना है, जहाँ वरुण ग्रोवर की दिल को छू लेने वाली कविता और स्वानंद किरकिरे की अंतरात्मा को छूने वाली आवाज़ एक साथ मिलकर जादू रचते हैं। यह गीत प्रेम की उस अनुभूति का चित्रण है जिसे शब्दों में बाँधना मुश्किल है फिर भी वरुण ने इसे एक छवि, एक रेल की गति, और एक अनकही बेचैनी के माध्यम से अमर कर दिया है।

तू किसी रेल सी गुज़रती है – Tu Kisi Rail Si Guzarti Hai Song Credits
- Movie/Album: मसान (2015)
- Music : इंडियन ओशन
- Lyrics : वरुण ग्रोवर (प्रेरित: दुष्यंत कुमार)
- Singer : स्वानंद किरकिरे
तू किसी रेल सी गुज़रती है – Tu Kisi Rail Si Guzarti Hai Song Lyrics in Hindi
तू किसी रेल सी गुज़रती है
मैं किसी पुल सा थरथराता हूँ
तू भले रत्ती भर ना सुनती हो
मैं तेरा नाम बुदबुदाता हूँ
किसी लम्बे सफर की रातों में
तुझे अलाव सा जलाता हूँ
काठ के ताले हैं, आँख पे डाले हैं
उनमें इशारों की चाबियाँ लगा
रात जो बाकी है, शाम से ताकी है
नीयत में थोड़ी खराबियाँ लगा
मैं हूँ पानी के बुलबुले जैसा
तुझे सोचूँ तो फूट जाता हूँ
तू किसी रेल सी गुज़रती है
मैं किसी पुल सा थरथराता हूँ
