तुम जो मिल गए हो – Tum Jo Mil Gaye Ho, Md.Rafi, Hanste Zakhm
“Tum Jo Mil Gaye Ho” हिन्दी सिनेमा का एक ऐसा अमर प्रेम गीत है, जो हर सुनने वाले के दिल में एक मीठा कम्पन छोड़ जाता है। यह गीत न केवल मोहब्बत का इज़हार करता है, बल्कि उस बदलाव को भी बयां करता है जो किसी खास के मिलने से ज़िन्दगी में आता है। मदन मोहन के मधुर संगीत, कैफ़ी आज़मी की गूढ़ शायरी और मोहम्मद रफ़ी व लता मंगेशकर की स्वर्णिम युगल आवाज़ इन सबने मिलकर इस गीत को कालजयी बना दिया है।

तुम जो मिल गए हो – Tum Jo Mil Gaye Ho Song Credits
- Movie/Album: हँसते ज़ख्म (1973)
- Music : मदन मोहन
- Lyrics : कैफ़ी आज़मी
- Singers : मो.रफ़ी, लता मंगेशकर
तुम जो मिल गए हो – Tum Jo Mil Gaye Ho Song Hindi Lyrics
तुम जो मिल गए हो, तो ये लगता है
के जहां मिल गया
एक भटके हुए राही को, कारवाँ मिल गया
बैठो न दूर हमसे, देखो खफ़ा न हो
क़िस्मत से मिल गए हो, मिलके जुदा न हो
मेरी क्या ख़ता है, होता है ये भी
की ज़मीं से भी कभी आसमां मिल गया
तुम जो मिल गए हो…
तुम क्या जानो तुम क्या हो, एक सुरीला नगमा हो
भीगी रातों में मस्ती, तपते दिल में साया हो
अब जो आ गए हो जाने न दूंगा
की मुझे इक हसीं मेहरबाँ मिल गया
तुम जो मिल गए हो…
तुम भी थे खोए-खोए, मैं भी बुझा-बुझा
था अजनबी ज़माना, अपना कोई न था
दिल को जो मिल गया है तेरा सहारा
इक नई ज़िंदगी का निशां मिल गया
तुम जो मिल गए हो…
