तुम करुणा के सागर हो प्रभु – Tum Karuna Ke Sagar Ho Prabhu, Devi Chitralekhaji
“Tum Karuna Ke Sagar Ho Prabhu” भजन भगवान श्री राम की स्तुति में गाया गया एक अत्यंत मार्मिक और भावपूर्ण गीत है। इसे प्रसिद्ध भजन गायिका देवी चित्रलेखाजी ने अपनी अद्भुत भक्ति और सुरों के माध्यम से प्रस्तुत किया है। यह भजन भगवान राम की करुणा, दया और उनकी अद्वितीय महिमा का गुणगान करता है।

तुम करुणा के सागर हो प्रभु – Tum Karuna Ke Sagar Ho Prabhu Bhajan Credits
- Bhajan : Tum Karuna Ke Sagar Ho Prabhu
- Singer : Devi Chitralekhaji
तुम करुणा के सागर हो प्रभु – Tum Karuna Ke Sagar Ho Prabhu Bhajan Lyrics
तुम करुणा के सागर हो प्रभु
मेरी गागर भर दो थके पाँव है
दूर गांव है अब तो किरपा कर दो
तुम करुणा के सागर हो प्रभु
हरे कृष्णा हरे कृष्णा,
कृष्णा कृष्णा हरे हरे
हरे राम हरे राम,
राम राम हरे हरे
क्लेश द्वेष से भरा ये मन है,
मैला मेरा तन है
तुम कृपाला दीन दयाला,
तुमसे ही जीवन है
इस तन मन को उपवन करने,
का वरदान वर दो
तुम करुणा के सागर हो प्रभु
हरे कृष्णा हरे कृष्णा,
कृष्णा कृष्णा हरे हरे
हरे राम हरे राम,
राम राम हरे हरे
याचक बन कर खड़ा हूँ द्वारे,
दोनों हाथ मैं जोड़े
परम पिता तुमको मैं जानू,
पिता न बालक छोड़े
दास नारायण करे अर्चना,
मेरी पीरा हर दो
तुम करुणा के सागर हो प्रभु
हरे कृष्णा हरे कृष्णा,
कृष्णा कृष्णा हरे हरे
हरे राम हरे राम,
राम राम हरे हरे
