उलझन सुलझे ना – Uljhan Suljhe Na, Asha Bhosle, Dhund
“Uljhan Suljhe Na” केवल एक गीत नहीं, बल्कि एक स्त्री के अंतर्मन की गूंज है। इसमें प्रेम है, डर है, असमंजस है और समाज से जूझती आत्मा की सिसकियाँ भी हैं। रवि, साहिर और आशा भोंसले की यह त्रयी मिलकर इस गीत को एक सशक्त मनोवैज्ञानिक और भावनात्मक प्रस्तुति में बदल देती है।

उलझन सुलझे ना – Uljhan Suljhe Na Song Credits
- Movie/Album: धुंध (1973)
- Music : रवि
- Lyrics : साहिर लुधियानवी
- Singer : आशा भोंसले
उलझन सुलझे ना – Uljhan Suljhe Na Song Lyrics in Hindi
उलझन सुलझे ना, रस्ता सूझे ना
जाऊँ कहाँ मैं, जाऊँ कहाँ
उलझन सुलझे ना…
मेरे दिल का अँधेरा, हुआ और घनेरा
कुछ समझ न पाऊँ, क्या होना है मेरा
खड़ी दो राहे पर, ये पूछूँ घबरा कर
जाऊँ कहाँ मैं, जाऊँ कहाँ
उलझन सुलझे ना…
जो साँस भी आए, तन चीर के जाए
इस हाल से कोई, किस तरह निभाए
न मरना रास आया, न जीना मन भाया
जाऊँ कहाँ मैं, जाऊँ कहाँ
उलझन सुलझे ना…
रुत ग़म की गले ना, कोई आस फले ना
तक़दीर के आगे, मेरी पेश चले ना
बहुत की तदबीरें, न टूटी ज़ंजीरें
जाऊँ कहाँ मैं, जाऊँ कहाँ
उलझन सुलझे ना…
