वो पिलाए तो ज़रा – Woh Pilaye Toh Zara, Hariharan, Gulfam
“Woh Pilaye Toh Zara” एक बेहतरीन ग़ज़ल है जिसमें हरिहरन की रूहानी गायकी, अनवर फर्रुखाबादी की शायरी और सूफियाना संगीत का संगम है। यह ग़ज़ल प्रेम की परिभाषा को एक नए अंदाज़ में परोसती है, न अधिक बोलती है, न चुप रहती है, बस धीरे से दिल को छू जाती है।

वो पिलाए तो ज़रा – Woh Pilaye Toh Zara Song Credits
- Movie/Album: गुलफ़ाम (1994)
- Music : हरिहरन
- Lyrics : अनवर फर्रुखाबादी
- Singer : हरिहरन
वो पिलाए तो ज़रा – Woh Pilaye Toh Zara Song Lyrics in Hindi
वो पिलाए तो ज़रा लहरा के पीना चाहिए
दोस्ती के नाम पर छलका के पीना चाहिए
वो पिलाए तो…
जब घटा छाए तो ज़ुल्फ़ों की महकती छाॅंव में
उनके होठों की क़सम खा-खा के पीना चाहिए
दोस्ती के नाम…
ये जवाॅं मौसम ये भीगी रात ये ठंडी हवा
आज तो महबूब के घर जा के पीना चाहिए
दोस्ती के नाम…
मय भी है साक़ी भी है, साग़र भी है मीना भी है
अब तो उनको भी मेरे पास आ के पीना चाहिए
दोस्ती के नाम…
