यारों सूरत हमारी पे – Yaaron Surat Hamari Pe, Md.Rafi, Mukesh, Ujala
Yaaron Surat Hamari यह गीत 1959 की फिल्म “उजाला” का एक भावुक और सामाजिक संदेश से भरा नग़मा है, जिसमें गरीबों की बेबसी, हालात की मज़बूरी और समाज की कड़ी नज़र को बहुत ही मार्मिक अंदाज़ में बयां किया गया है। मोहम्मद रफ़ी और मुकेश की जोड़ी ने इस गीत में संवेदना और दर्द को आवाज़ देकर अमर बना दिया।

यारों सूरत हमारी पे – Yaaron Surat Hamari Pe Song Credits
- Movie/Album: उजाला (1959)
- Music : शंकर-जयकिशन
- Lyrics : शैलेन्द्र
- Singers : मो.रफ़ी, मुकेश
यारों सूरत हमारी पे – Yaaron Surat Hamari Pe Song Lyrics in Hindi
यारों सूरत हमारी पे मत जाओ
यहाँ भी दिल है यूँ हमसे न कतराओ
यारों सूरत हमारी…
हम भी हैं दिल के शाहेजहान
प्यार पे सब कुछ है क़ुर्बान
ज़रा सी है ग़रीबी, ये ही है कमनसीबी
के उनसे अभी न हुई पहचान
यारों सूरत हमारी…
आपकी दौलत ज़िन्दाबाद
आपकी जेबें ज़िन्दाबाद
ईमान की कहेंगे, कहेंगे फिर कहेंगे
के पेट ये पापी मुर्दाबाद
यारों सूरत हमारी…
जाने कैसा है ये जहान
जीना मुश्किल, मौत आसान
हम फिर भी जी रहे हैं, ज़ख़्मों को सी रहे हैं
ये आप सबों का है एहसान
यारों सूरत हमारी…
