ज़रा सी आहट होती है – Zara Si Aahat Hoti Hai, Lata Mangeshkar, Haqeeqat
“Zara Si Aahat Hoti Hai” उन कालजयी गीतों में से एक है, जो समय के साथ और भी अधिक गहराते जाते हैं। यह गीत सिर्फ़ प्रेमियों का नहीं, हर उस दिल का है जो कभी किसी का इंतज़ार करता है। यह गीत बताता है कि प्रेम सिर्फ़ मिलन नहीं, प्रतीक्षा भी है, और प्रतीक्षा में भी एक मधुरता, एक सुकून हो सकता है।

ज़रा सी आहट होती है – Zara Si Aahat Hoti Hai Song Credits
- Movie/Album: हकीकत (1964)
- Music : मदन मोहन
- Lyrics y: कैफी आज़मी
- Singer : लता मंगेशकर
ज़रा सी आहट होती है – Zara Si Aahat Hoti Hai Song Lyrics in Hindi
ज़रा सी आहट होती है तो दिल सोचता है
कहीं ये वो तो नहीं, कहीं ये वो तो नहीं
ज़रा सी आहट होती है…
छुप के सीने में कोई जैसे सदा देता है
शाम से पहले दीया दिल का जला देता है
है उसी की ये सदा, है उसी की ये अदा
कहीं ये वो तो नहीं…
शक्ल फिरती है निगाहों में वही प्यारी सी
मेरी नस-नस में मचलने लगी चिंगारी सी
छू गई जिस्म मेरा किसके दामन की हवा
कहीं ये वो तो नहीं…
