मेरी ज़िन्दगी किसी और की – Meri Zindagi Kisi Aur Ki, Jagjit Singh, Someone Somewhere
“Meri Zindagi Kisi Aur Ki” एक ऐसी ग़ज़ल है जिसे सुनना नहीं, महसूस करना होता है। यह उन एहसासों की आवाज़ है जो अक्सर दिल में ही रह जाते हैं — बिना कहे, बिना सुने। मोहब्बत के दीवानों के लिए यह ग़ज़ल एक आईना है, जिसमें वो खुद को देख सकते हैं।

मेरी ज़िन्दगी किसी और की – Meri Zindagi Kisi Aur Ki
- Movie/Album: समवन समवेयर (1996)
- Music: जगजीत सिंह
- Lyrics: मुज़फ्फर वारसी
- Singer : जगजीत सिंह
मेरी ज़िन्दगी किसी और की – Meri Zindagi Kisi Aur Ki
मेरी ज़िन्दगी किसी और की
मेरे नाम का कोई और है
मेरा अक्स है सर-ए-आईना
पस-ए-आइना कोई और है
मेरी धड़कनों में है चाप-सी
ये जुदाई भी है मिलाप-सी
मुझे क्या पता, मेरे दिल बता
मेरे साथ क्या कोई और है
मेरी ज़िन्दगी किसी और की…
न गए दिनों को ख़बर मेरी
न शरीक-ए-हाल नज़र तेरी
तेरे देस में, मेरे भेस में
कोई और था कोई और है
मेरी ज़िन्दगी किसी और की…
वो मेरी तरफ़ निगराँ रहे
मेरा ध्यान जाने कहाँ रहे
मेरी आँख में कई सूरतें
मुझे चाहता कोई और है
मेरी ज़िन्दगी किसी और की…
