नारी कुछ ऐसन – Naari Kuchh Aisan, Kishore Kumar, Swayamvar
“Naari Kuchh Aisan” गीत 1980 की फिल्म स्वयंवर से है, जिसे गुलज़ार ने लिखा है और राजेश रोशन ने संगीतबद्ध किया है। इस गीत को किशोर कुमार ने गाया है। गीत में महिलाओं की सामाजिक स्थिति में बदलाव और उनकी प्रगति को दर्शाया गया है। यह गीत महिलाओं के सशक्तिकरण और समाज में उनके बढ़ते योगदान को दर्शाता है। गुलज़ार की लेखनी और किशोर कुमार की आवाज़ ने इसे एक प्रेरणादायक गीत बना दिया है।

नारी कुछ ऐसन – Naari Kuchh Aisan Song Credits
- Movie/Album: स्वयंवर (1980)
- Music : राजेश रोशन
- Lyrics : गुलज़ार
- Singer : किशोर कुमार
नारी कुछ ऐसन – Naari Kuchh Aisan Song Lyrics in Hindi
नारी कुछ ऐसन आगे निकल रही है
मर्दन के पाँव तले धरती फिसल रही है
नारी कुछ ऐसन…
वो दिन गए की घर के चूल्हे मा सर खपाया
एक पैर अब जमीं पर एक चाँद पर जमाया
बदली है जब से औरत, दुनिया बदल रही है
मर्दन के पाँव तले…
मर्दन को दे के पेनशन, लड़ती है अब इलेक्शन
कहते थे जिसको सिस्टर, अब हुई गई मिनिस्टर
मर्दन की मोमबत्ती टप-टप पिघल रही है
मर्दन के पाँव तले…
चाबी का छल्ला खोला, आँचल से नारियों ने
बन्दूक भी उठई ली, अब फ़ौजी नारियों ने
हर देश औरतन की, पल्टन निकल रही है
मर्दन के पाँव तले…
