बैयाँ ना धरो – Baiyyan Na Dharo, Lata Mangeshkar, Dastak
“Baiyyan Na Dharo” एक अत्यंत भावनात्मक और कोमल गीत है, जो शास्त्रीय रागों की मिठास और संवेदनाओं की गहराई से भरा हुआ है। यह गीत 1960 के दशक की उन रचनाओं में से है जो शुद्धता, कला और सादगी का प्रतीक मानी जाती हैं। इस गीत में एक नायिका अपने प्रेमी से अपने स्पर्श को रोकने की अनुनय कर रही है, लेकिन उसके स्वर में जो संकोच, लाज और प्रेम की झलक है वही इस रचना को कालजयी बना देती है।

बैयाँ ना धरो – Baiyyan Na Dharo Song Credits
- Movie/Album: दस्तक (1970)
- Music : मदन मोहन
- Lyrics : मजरूह सुल्तानपुरी
- Singer : लता मंगेशकर
बैयाँ ना धरो – Baiyyan Na Dharo Song Lyrics in Hindi
बैयाँ ना धरो ओ बलमा
ना करो मोसे रार
बैयाँ ना धरो ओ बलमा
ढलेगी चुनरिया तन से
हँसेंगी रे चूड़ियाँ छन से
मचेगी झनकार
बैयाँ ना धरो..
मोहे छोड़ो हाय सजना
जिया सीस उठाये सजना
रहा मोहे निहार
बैयाँ ना धरो..
मैं तो आप बहकी
चलूँ जैसे महकी
चमेलिया की डार
बैयाँ ना धरो..
