घर आजा परदेसी – Ghar Aaja Pardesi, Dilwale Dulhaniya Le Jayenge
“Ghar Aaja Pardesi” फ़िल्म का एक गहन भावनात्मक गीत है, जो सिमरन की अंतरात्मा की पुकार और उसके प्रेम के इंतज़ार को दर्शाता है। इस गीत में नारी की आशा, प्रतीक्षा और आंतरिक पीड़ा को अत्यंत मार्मिक रूप से प्रस्तुत किया गया है।

घर आजा परदेसी – Ghar Aaja Pardesi Song Credits
Movie/Album: दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे (1995)
Music : जतिन-ललित
Lyrics : आनंद बक्षी
Singers : मनप्रीत कौर, पामेला चोपड़ा
घर आजा परदेसी – Ghar Aaja Pardesi Song Lyrics in Hindi
हो कोयल कूके हूक उठाए
यादों की बंदूक चलाए
बागों में झूलों के मौसम वापस आए रे
घर आजा परदेसी तेरा देस बुलाए रे
घर आजा परदेसी…
इस गांव की अनपढ़ मिट्टी, पढ़ नहीं सकती तेरी चिट्ठी
ये मिट्टी तू आकर चूमे, तो इस धरती का दिल झूमे
माना तेरे हैं कुछ सपने, पर हम तो हैं तेरे अपने
भूलने वाले हमको तेरी याद सताए रे
घर आजा परदेसी…
पनघट पे आई मुटियारें, छम छम पायल की झनकारें
खेतों में लहराई सरसों, कल परसों में बीते बरसों
आज ही आजा गाता हँसता, तेरा रस्ता देखे रस्ता
अरे छुक छुक गाड़ी की सीटी आवाज़ लगाए रे
घर आजा परदेसी…
हाथों में पूजा की थाली, आई रात सुहागों वाली
ओ चाँद को देखूं, हाथ मैं जोड़ूं, करवा चौथ का व्रत मैं तोड़ूं
तेरे हाथ से पीकर पानी, दासी से बन जाऊँ रानी
आज की रात जो मांगे कोई वो पा जाए रे
घर आजा परदेसी…
ओ मन मितरा, ओ मन मीता
वे तेनूं रब दे हवाले कीता
दुनिया के दस्तूर हैं कैसे, पागल दिल मजबूर है कैसे
अब क्या सुनना, अब क्या कहना, तेरे मेरे बीच ये रैना
खत्म हुई ये आँख मिचौली, कल जाएगी मेरी डोली
मेरी डोली मेरी अर्थी ना बन जाए रे
घर आजा परदेसी…
ओ माही वे, ओ चनवे
वे जिंदवा ओ सजना
