रहा गर्दिशों में हरदम – Raha Gardishon Mein Hardam, Md.Rafi, Do Badan
“Raha Gardishon Mein Hardam” न सिर्फ एक मार्मिक गीत है, बल्कि यह उस दौर के क्लासिक संगीत और शायरी का अद्भुत उदाहरण है। मोहम्मद रफ़ी की आत्मा को छूने वाली आवाज़, रवि का भावपूर्ण संगीत और शकील बदायुनी की गहराई लिए पंक्तियाँ, इन तीनों की त्रयी ने इसे अमर बना दिया है।

रहा गर्दिशों में हरदम – Raha Gardishon Mein Hardam Song Credits
- Movie/Album: दो बदन (1966)
- Music: रवि
- Lyrics : शकील बदायुनी
- Singer : मो.रफ़ी
रहा गर्दिशों में हरदम – Raha Gardishon Mein Hardam Song Lyrics in Hindi
रहा गर्दिशों में हरदम, मेरे इश्क का सितारा
कभी डगमगाई कश्ती, कभी खो गया किनारा
कोई दिल के खेल देखे, के मोहब्बतों की बाजी
वो कदम कदम पे जीते, मैं कदम कदम पे हारा
रहा गर्दिशों में हरदम…
ये हमारी बदनसीबी, जो नहीं तो और क्या है
के उसी के हो गये हम, जो ना हो सका हमारा
रहा गर्दिशो में हरदम…
पड़े जब ग़मों से पाले, रहे मिट के मिटने वाले
जिसे मौत ने ना पूछा, उसे ज़िन्दगी ने मारा
रहा गर्दिशो में हरदम…
