फूल है चाॅंद है – Phool Hai Chand Hai (Hariharan, Haazir)
“Phool Hai Chand Hai” यह ग़ज़ल एक मोहब्बतभरी तसवीर है, जो सौंदर्य, ख़ामोशी और आत्मीय भावनाओं का सम्मिलन है। इसे गाया है ग़ज़लों के सशक्त और भावनात्मक स्वर हरिहरन ने, जिनकी आवाज़ में सूफ़ियाना मिठास और शायरी की रूह बसती है। इस ग़ज़ल को संगीतबद्ध किया है जॉली मुखर्जी ने, जिनकी रचनाओं में मेलोडी और क्लासिकल भाव का सुंदर संतुलन देखने को मिलता है। वहीं, इसके अशआर लिखे हैं शायर मुमताज़ राशिद ने, जिनकी कलम से निकले शब्द सीधे दिल में उतरते हैं।

फूल है चाॅंद है – Phool Hai Chand Hai Ghazal Credits
- Movie/Album: हाज़िर (1992)
- Music : जॉली मुखर्जी
- Lyrics : मुमताज़ राशिद
- Singer : हरिहरन
फूल है चाॅंद है – Phool Hai Chand Hai Ghazal Hindi Lyrics
फूल है चाॅंद है क्या लगता है
भीड़ में सबसे जुदा लगता है
फूल है चाॅंद है…
उसकी क़ुर्बत में अजब दूरी है
आदमी हो के ख़ुदा लगता है
फूल है चाॅंद है…
उसके होठों से मैं अब क्या माॅंगूॅं
जो भी कहता है दुआ लगता है
फूल है चाॅंद है…
शोर है दिल में कुछ इतना ‘राशिद’
मुझको सन्नाटा सदा लगता है
फूल है चाॅंद है…
