पटाखा गुड्डी – Patakha Guddi, Sultana Nooran, Jyoti Nooran, A R Rehman, Highway
यह गीत स्वतंत्रता, विश्वास और अध्यात्म का प्रतीक है। “Patakha Guddi” शब्द का अर्थ है एक बेफिक्र, आज़ाद, जोशीली लड़की, जो हवा में उड़ती पतंग की तरह स्वतंत्र है। गीत में एक सूफ़ी अंदाज़ झलकता है जहाँ इंसान खुद को रब (ईश्वर) की मर्जी के हवाले कर देता है और जीवन की हर परिस्थिति को मस्ती और विश्वास के साथ स्वीकार करता है। सुल्ताना और ज्योति नूरान की ऊर्जावान आवाज़ें और ए.आर. रहमान का सूफ़ियाना संगीत इसे आत्मा तक छू लेने वाला बनाता है।

पटाखा गुड्डी – Patakha Guddi Song Credits
- Movie/Album: हाईवे (2014)
- Music : ए.आर.रहमान
- Lyrics : इरशाद कामिल
- Singers : सुल्ताना नूरान, ज्योति नूरान, ए.आर.रहमान
पटाखा गुड्डी – Patakha Guddi Song Lyrics in Hindi
हाँ मिट्ठे पान दी गल्लोरी
लट्ठा सूट दा लाहोरी
फट्टे मार दी फिल्लौरी
जुगनी मेल मेल के
कूद फांद के
चक्क चकौटे जावे
मौला तेरा माली
ओ हरियाली जंगल वाली
तू दे हर गाली पे ताली
उसकी कदम-कदम रखवाली
ऐंवे लोक लाज की सोच-सोच के
क्यूं है आफत डाली
तू ले नाम रब का, नाम साईं का
अली अली अली अली
नाम रब का, नाम साईं का
अली अली अली अली
शर्फ़ खुदा का, ज़र्फ़ खुदा का
अली अली अली अली
अली हो, अली हो
चली ओ रे चली चली, चली ओ
अली अली तेरी गली
वो तो चली, अली अली
तेरी गली चली ओ
ओ जुगनी ओ, पटाखा गुड्डी ओ
नशे में उड्डी जाये रे हाये रे
सज्जे खब्बे धब्बे किल्ली ओ
मौला तेरा माली…
मैंने तो तेरे तेरे उत्ते छड्डेयाँ डोरियां
तू तो पाक रब का बांका बच्चा, राज-दुलारा तू ही
पाक रब का बांका बच्चा, उसका प्यारा तू ही
मालिक ने जो चिंता दी तो, दूर करेगा वो ही
नाम अली का लेके तू…
(कांच कंवारी, शर्म उतारी
चार पे भारी लगे
जाए भाड़ में दुनियादारी
वो तो चली चली चली
अली हो…)
जुगनी रुख पीपल दा होई
जिसनु पूजे ता हर कोई
जिसदी फसल किसे ना बोई
घर वि रख सके ना कोई
रास्ता नाप रही मरजानी
पट्ठी बारिश दा है पानी
जब नज़दीक जहान दे आणि
जुगनी मैली सी हो जानी
तू ले नाम रब दा अली अली
झाल्ल खालेरण छल्ली
नाम रब दा अली अली
हर दरवाज़ा अली
साईं रे..
मैंने तो तेरे तेरे उत्ते छड्डेयाँ डोरियां
