कठिन है राह गुज़र – Kathin Hai Raah Guzar, Ghulam Ali, Pankaj Udhas, Ahmad Faraz
Kathin Hai Raah Guzar एक बेहद ख़ूबसूरत और मार्मिक ग़ज़ल है, जिसमें जुदाई, तड़प और मोहब्बत की कसक को बहुत ही नफ़ासत से व्यक्त किया गया है। पंकज उदास की मधुर और दर्दभरी आवाज़ इस ग़ज़ल को और भी असरदार बना देती है। अहमद फ़राज़ के लिखे शेर दिल की गहराइयों को छू लेते हैं और हर शेर में दर्द और मोहब्बत की पराकाष्ठा महसूस होती है।

कठिन है राह गुज़र – Kathin Hai Raah Guzar Ghazal Credits
- Movie/Album:हुस्न-ए-ग़ज़ल (2007), महफ़िल (1983)
- Music : गुलाम अली, पंकज उदास
- Lyrics : अहमद फ़राज़
- Singers : गुलाम अली, पंकज उदास
कठिन है राह गुज़र – Kathin Hai Raah Guzar Ghazal Lyrics in Hindi
कठिन है राह गुज़र थोड़ी दूर साथ चलो
बहुत कड़ा है सफ़र थोड़ी दूर साथ चलो
कठिन है राह गुज़र…
तमाम उम्र कहाँ कोई साथ देता है
ये जानता हूँ मगर थोड़ी दूर साथ चलो
कठिन है राह गुज़र…
नशे में चूर हूँ मैं भी तुम्हें भी होश नहीं
बड़ा मज़ा हो अगर थोड़ी दूर साथ चलो
कठिन है राह गुज़र…
ये एक शब की मुलाक़ात भी गनीमत है
किसे है कल की ख़बर थोड़ी दूर साथ चलो
कठिन है राह गुज़र…
तवाफ़-ए-मंज़िल-ए-जाना हमें भी करना है
‘फ़राज़’ तुम भी अगर थोड़ी दूर साथ चलो
कठिन है राह गुज़र…
