एक दो तीन – Ek Do Teen – Amit Kumar
“Ek Do Teen” गाना फिल्म “तेज़ाब” (1988) से है। यह गाना बॉलीवुड की बहुत ही लोकप्रिय गीतों में से एक है। इस गाने को अलका याज्ञनिक ने गाया है और इसे लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल ने संगीतबद्ध किया है। गाने के बोल जावेद अख्तर ने लिखे हैं।
Ek Do Teen male
एक दो तीन – Ek Do Teen Song Details
- Movie/Album: तेज़ाब
- Year : 1988
- Music By: लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल
- Lyrics By: जावेद अख्तर
- Performed By: अल्का याग्निक, अमित कुमार
एक दो तीन – Ek Do Teen Lyrics in Hindi
अमित कुमार
एक दो तीन चार पाँच छः सात आठ नौ दस ग्यारह बारह तेरह
तेरा करूँ दिन गिन-गिन के इंतज़ार
आजा सनम आई बहार
एक दो तीन…
चौदह को जब मैंने कहलाया था
पंद्रह को आऊँगा, मैं आया था
पंद्रह को परदे से निकली न तू
तुझको ना पा के मैं घबराया था
सोलह को भी सुबह से था बेक़रार
आजा सनम आई…
सत्रह को सोया नहीं रात भर
अठारह को भी तू न आई नज़र
उन्नीस को मैं दीवाना हुआ
बीस को घर से रवाना हुआ
गलियों में गूंजे दीवाने की पुकार
आजा सनम आई…
इक्कीस को आई, ना बाईस को तू
जब न मिली तेईस-चौबीस को तू
पच्चीस को समझाया सबने मुझे
मत जान दे देना छब्बीस को
दुनिया में बस दिन हैं मेरे और चार
आजा सनम आई…
दिन लगे हफ़्ते, रे हफ़्ते महीने
महीने लगते साल
आके ज़रा तू देख तो ले
क्या हुआ है मेरा हाल
दीवाना दर-दर मैं फिरता हूँ
ना जीता हूँ, ना मैं मरता हूँ
तन्हाई की रात सहता हूँ
आजा-आजा-आजा-आजा-आजा
आजा के दिन गिनता रहता हूँ
एक दो तीन…

