अब के बरस भेज – Ab Ke Baras Bhej – Asha Bhosle, Bandini
भारतीय फिल्मी संगीत का स्वर्णिम युग सदा ही यादगार रहा है। इस युग में हमें अनेक अनमोल धुनें और गीत मिले, जिनमें ‘Ab Ke Baras Bhej भैया को बाबुल’ एक ऐसा गीत है जिसे सुनकर मन भावविभोर हो जाता है। यह गीत न केवल संगीत प्रेमियों के दिलों में बसा हुआ है, बल्कि इसकी भावनात्मक गहराई और संगीत की कोमलता भी इसे एक अमर गीत बना देती है।

अब के बरस भेज – Ab Ke Baras Bhej Song Credits…
- Movie/Album: बंदिनी
- Year : 1963
- Music By: एस.डी.बर्मन
- Lyrics By: शैलेन्द्र
- Singer : आशा भोंसले
अब के बरस भेज – Ab Ke Baras Bhej Lyrics in Hindi
अब के बरस भेज भैया को बाबुल
सावन ने लीजो बुलाय रे
लौटेंगी जब मेरे बचपन की सखियाँ
दीजो संदेसा भिजाय रे
अब के बरस भेज…
अम्बुवा तले फिर से झूले पड़ेंगे
रिमझिम पड़ेंगी फुहारें
लौटेंगी फिर तेरे आँगन में बाबुल
सावन की ठण्डी बहारें
छलके नयन मोरा, कसके रे जियरा
बचपन की जब याद आए रे
अब के बरस भेज…
बैरन जवानी ने छीने खिलौने
और मेरी गुड़िया चुराई
बाबुल की मैं तेरे नाज़ों की पाली
फिर क्यों हुई मैं पराई
बीते रे जुग कोई चिठिया न पाती
न कोई नैहर से आये रे
अब के बरस भेज…
