अजी लूट लिया दिल को – Aji Loot Liya Dil Ko, Md.Rafi, Asha Bhosle, Dushman
“Aji Loot Liya Dil Ko” एक मधुर, चुलबुला और दिल को छू लेने वाला गीत है जो हिंदी फिल्म संगीत के स्वर्ण युग की निशानी है। रफ़ी और आशा की आवाज़, हुस्नलाल-भगतराम का मधुर संगीत और प्रेम धवन के सहज शब्द, इन सबने मिलकर इसे रोमांटिक युगल गीतों में एक ख़ास स्थान दिलाया है।

अजी लूट लिया दिल को – Aji Loot Liya Dil Ko Song Credits
- Movie/Album: दुश्मन (1957)
- Music : हुस्नलाल भगतराम
- Lyrics : प्रेम धवन
- Singers : मोहम्मद रफी, आशा भोंसले
अजी लूट लिया दिल को – Aji Loot Liya Dil Ko Song Lyrics in Hindi
अजी लूट लिया दिल को बहाने कर के
जाओ सैयां झूठे ज़माने भर के
हो हो ऐसे मुँह ना फेरो सितम कर के
के देखा नहीं तुमको नज़र भर के
नज़रों में तेरी क्या है पिया जान गए हम
ये जान के भी दिल का कहा मान गए हम
अब क्या होगा आगे, क्या होगा आगे
क्या होगा आगे, मोरा जिया धड़के
जाओ सैयां झूठे…
मिल जाये तेरा हाथ तो मिल जाये ज़माना
जी भर के लूट लूं मैं खुशियों का खज़ाना
हमसे ना रहो गोरी यूँ डर डर के
के देखा नहीं तुमको नज़र भर के
अजी लूट लिया दिल को…
थामा है अगर हाथ तो फिर साथ निभाना
जाएगा कहाँ बच के मेरा दिल ये दीवाना
मारे हुए हैं ज़ालिम, मारे हुए हैं ज़ालिम
मारे हुए हैं ज़ालिम, तेरी ही नज़र के
हट जाओ सैयां झूठे जमाने भर के…
