अँखियाँ भूल गयीं हैं सोना – Ankhiyan Bhool Gayi Hain Sona, Lata Mangeshkar, Geeta Dutt, Goonj Uthi Shehnai
“Ankhiyan Bhool Gayi Hain Sona” एक अत्यंत भावनात्मक, devotional और करुण रस से भरपूर गीत है, जिसमें माँ दुर्गा के प्रति गहन श्रद्धा, आत्मिक लगाव और विरह का दर्द बखूबी उभरकर सामने आता है। इस गीत को लता मंगेशकर और गीता दत्त जैसी दो महान गायिकाओं की मधुर और आत्मीय आवाज़ों ने अमर बना दिया है। यह गीत भले ही धार्मिक हो, लेकिन इसकी आत्मा पूरी तरह नारी के प्रेम और आसक्ति से बंधी हुई है।

अँखियाँ भूल गयीं हैं सोना – Ankhiyan Bhool Gayi Hain Sona Song Credits
- Movie/Album: गूँज उठी शहनाई (1959)
- Music : वसंत देसाई
- Lyrics : भरत व्यास
- Singers : लता मंगेशकर, गीता दत्त
अँखियाँ भूल गयीं हैं सोना – Ankhiyan Bhool Gayi Hain Sona Song Lyrics in Hindi
अँखियाँ भूल गयीं हैं सोना
दिल पे हुआ है जादू टोना
शहनाई वाले तेरी शहनाई रे करेजवा को
चीर गई, चीर गई, चीर गई
अब दिन ये कैसे गोरी आये
छुप-छुप के मिलना मन भाये
सखियों से काहे अब चोरी
बँध गई रे प्रीत की डोरी
कोई जुलमी सँवरिया की तिरछी नजरिया
हाँ मार गई, मार गई, मार गई
अँखियाँ भूल गयीं…
सखियाँ न मारो मोहे ताने
जिसको न लागी वो क्या जाने
भूल जाओगी, भूल जाओगी
भूल जाओगी करना ये ठिठोली
कोई मिल गया जो हमजोली
कैसे बच के रहोगी
आहें भर के कहोगी
मैं तो हार गई, हार गई, हार गई
अँखियाँ भूल गयीं…
आपस में मिलते दीवाने
और हमसे हो रहे बहाने
चितवन कमान पे जो ताने
वो बान हमने पहचाने
नजरों की ये घातें
चोरी चोरी मुलाक़ातें
हम जान गयीं, जान गयीं, जान गयीं
अँखियाँ भूल गयीं…
