चाँद सा मुखड़ा – Chand Sa Mukhda, Md Rafi, Asha Bhoshale, Insaan Jaag Utha
Chand Sa Mukhda यह गीत अपने मीठे संगीत, प्यारे बोल और सुरीली आवाज़ों के लिए बेहद मशहूर है। एस. डी. बर्मन के मधुर संगीत पर शैलेन्द्र ने सरल लेकिन दिल को छू लेने वाले बोल लिखे हैं। आशा भोंसले और मोहम्मद रफ़ी की जुगलबंदी गीत को और भी खुशनुमा बना देती है।

चाँद सा मुखड़ा – Chand Sa Mukhda Song Credits
- Movie/Album: इन्सान जाग उठा (1959)
- Music : एस.डी.बर्मन
- Lyrics : शैलेन्द्र
- Singers : आशा भोंसले, मो.रफ़ी
चाँद सा मुखड़ा – Chand Sa Mukhda Song Lyrics in Hindi
नटखट तारों हमें ना निहारो, हमरी ये प्रीत नयी
चाँद सा मुखड़ा क्यों शरमाया
आँख मिली और दिल घबराया
झुक गये चंचल नैना, इक झलकी दिखला के
बोलो गोरी क्या रखा है, पलकों में छुपाके
तुझको रे साँवरिया, तुझसे ही चुराके
नैनों में सजाया मैंने कजरा बसा के
नींद चुराई तूने दिल भी चुराया
चाँद सा मुखड़ा…
ये भीगे नज़ारे, करते हैं इशारे
मिलने की ये रुत है गोरी, दिन हैं हमारे
सुन लो पिया प्यारे, क्या कहते हैं तारे
हमने तो बिछड़ते देखे कितनों के प्यारे
कभी न अलग हुई काया से छाया
चाँद सा मुखड़ा…
