देखा है ज़िन्दगी को – Dekha Hai Zindagi Ko, Kishor Kumar, Ek Mahal Ho Sapnon Ka
“Dekha Hai Zindagi Ko” एक ऐसा गीत है जो हमें सोचने पर मजबूर करता है क्या वाकई ज़िंदगी धोखा देती है, या धोखा देने वाले लोग होते हैं? यह गीत एक दर्शन है, एक आँखें खोलने वाली पुकार, और साहिर-किशोर-मदन मोहन की तिकड़ी का बेमिसाल नमूना।

देखा है ज़िन्दगी को – Dekha Hai Zindagi Ko Song Credits
- Movie/Album: एक महल हो सपनों का (1975)
- Music By: रवि
- Lyrics : साहिर लुधियानवी
- Singer : किशोर कुमार
देखा है ज़िन्दगी को – Dekha Hai Zindagi Ko Song Lyrics in Hindi
देखा है ज़िन्दगी को, कुछ इतना करीब से
चेहरे तमाम लगने लगे हैं अजीब से
देखा है ज़िन्दगी को…
कहने को दिल की बात, जिन्हें ढूँढते थे हम
महफ़िल में आ गए हैं वो अपने नसीब से
देखा है ज़िन्दगी को…
नीलाम हो रहा था किसी नाज़नीं का प्यार
क़ीमत नहीं चुकाई गई एक गरीब से
देखा है ज़िन्दगी को…
तेरी वफ़ा की लाश पे, ला मैं ही डाल दूँ
रेशम का ये कफ़न, जो मिला है रक़ीब से
देखा है ज़िन्दगी को…
