दिल का मिज़ाज इश्किया – Dil Ka Mijaaz Ishqiya – Rahat Fateh Ali Khan
राहत फ़तेह अली खान की आवाज़ में गाए गए गीत “Dil Ka Mijaaz Ishqiya” में ऐसी गहराई और मिठास है जो सीधे दिल को छू लेती है। उनकी आवाज़ का जादू सुनने वालों के दिलों में एक विशेष स्थान बना देता है। यह गीत प्यार और इश्क के विभिन्न रंगों को बड़ी खूबसूरती से प्रस्तुत करता है।
“Dil Ka Mijaaz Ishqiya” सिर्फ एक गीत नहीं, बल्कि एक एहसास है। राहत फ़तेह अली खान की आवाज़, विशाल भारद्वाज का संगीत और गुलज़ार के शब्दों का संगम इस गीत को एक अमर धरोहर बनाता है। यह गीत सुनने वाले के दिल को छू जाता है और लंबे समय तक उसकी गूंज बनी रहती है।

दिल का मिज़ाज इश्किया – Dil Ka Mijaaz Ishqiya Song Credits…
- Movie/Album: डेढ़ इश्किया
- Year : 2014
- Music By: विशाल भारद्वाज
- Lyrics By: गुलज़ार
- Performed By: राहत फ़तेह अली खान
दिल का मिज़ाज इश्किया – Dil Ka Mijaaz Ishqiya Lyrics in Hindi
रुक रुक के कहते हैं
झुक झुक के रहते हैं
दिल का मिज़ाज इश्किया
तन्हां है लोगों में
लोगों में तन्हाई
दिल का मिज़ाज इश्किया
चोटें भी खाये और गुनगुनाये
ऐसा ही था ये, ऐसा ही है ये
मस्ती में रहता है
मस्ताना सौदायी
दिल का मिज़ाज इश्किया…
शर्मीला शर्मीला परदे में रहता है
दर्दों के छोंके भी चुपके से सहता है
निकलता नहीं है गली से कभी
निकल जाये तो दिल भटक जाता है
अरे बच्चा है आखिर बहक जाता है
ख्वाबों में रहता है
बचपन से हरजाई
दिल का मिज़ाज इश्किया…
गुस्से में बलखाना, गैरों से जल जाना
मुश्किल में आये तो वादों से टल जाना
उलझने की इसको यूँ आदत नहीं
मगर बेवफाई शराफत नहीं
ये जज़बाती हो के छलक जाता है
इश्क में होती है
थोड़ी सी गरमाई
दिल का मिज़ाज इश्किया…
