गौरी के पुत्र गणेंश जी, मेरे घर में पधारो – Gauri Ke Putra Ganesh Ji Mere Ghar Mein Padharo, Vyas Ji Maurya
“Gauri Ke Putra Ganesh Ji Mere Ghar Mein” भजन भगवान गणेश के प्रति भक्तों की अटूट श्रद्धा का प्रतीक है। व्यास जी मौर्य की सुरीली आवाज़, पारंपरिक भक्तिपूर्ण संगीत और भावनात्मक बोल इसे एक अत्यंत प्रिय भजन बनाते हैं। यदि आप गणपति बप्पा की कृपा प्राप्त करना चाहते हैं, तो यह भजन आपके भक्ति गीतों की सूची में अवश्य होना चाहिए।

गौरी के पुत्र गणेंश जी, मेरे घर में पधारो – Gauri Ke Putra Ganesh Ji Mere Ghar Mein Padharo Bhajan Credits
- Singer – Vyas Ji Maurya
- Lyrics – Ajay Tripathi
- Music -Ajay Tripathi
गौरी के पुत्र गणेंश जी, मेरे घर में पधारो – Gauri Ke Putra Ganesh Ji Mere Ghar Mein Padharo Bhajan Lyrics
गौरी के पुत्र गणेश जी,
मेरे घर में पधारो ॥
दोहा – सदा भवानी दाहिनी,
सन्मुख रहे गणेश,
पाँच देव रक्षा करें,
ब्रह्मा विष्णु महेश ॥
गौरी के पुत्र गणेश जी,
मेरे घर में पधारो,
घर में पधारो,
कीर्तन में पधारो,
काटो सकल कलेश जी,
मेरे घर में पधारो ॥
एकदन्त दयावन्त चारभुजा धारी,
माथे सिंदूर सोहे मूस की सवारी,
हे सर्व सिद्धि सर्वेश जी,
मेरे घर में पधारो,
गोरी के पुत्र गणेश जी,
मेरे घर में पधारो ॥
मोदक प्रिय मुद मंगल दाता,
विद्या वारिधि बुद्धि विधाता,
हे गणपति पुत्र उमेश जी,
मेरे घर में पधारो,
गोरी के पुत्र गणेश जी,
मेरे घर में पधारो ॥
शंकर सुवन भवानी के नंदन,
चरण कमल पे शत शत वंदन,
मेरे हृदय करो प्रवेश जी,
मेरे घर में पधारो,
गोरी के पुत्र गणेश जी,
मेरे घर में पधारो ॥
गौरी के पुत्र गणेंश जी,
मेरे घर में पधारो,
घर में पधारो,
कीर्तन में पधारो,
काटो सकल कलेश जी,
मेरे घर में पधारो ॥
