लम्बी जुदाई – Lambi Judaai, Hero, Reshma
“Lambi Judaai” यह सिर्फ़ एक गीत नहीं, बल्कि एक एहसास है। एक ऐसी पुकार, जो विरह की पीड़ा को अपनी सच्ची, रूहानी आवाज़ में बयान करती है। रेशमा की अनोखी आवाज़, आनंद बक्षी के दर्दभरे शब्द और लक्ष्मीकांत–प्यारेलाल की सधी हुई धुन ने मिलकर इस गीत को अमर बना दिया है। यह गीत सुनते ही दिल में एक हल्की टीस, और आँखों में नमी उतर आती है।

लम्बी जुदाई – Lambi Judaai Song Credits
- Movie/Album: हीरो (1983)
- Music : लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल
- Lyrics : आनंद बक्षी
- Singer : रेशमा
लम्बी जुदाई – Lambi Judaai Song Lyrics in Hindi
बिछड़े अभी तो हम, बस कल परसों
जियूंगी मैं कैसे, इस हाल में बरसों
मौत ना आई तेरी याद क्यों आई
हाय, लम्बी जुदाई
चार दिनों दा प्यार, हो रब्बा
बड़ी लम्बी जुदाई, लम्बी जुदाई
होंठों पे आई, मेरी जान, दुहाई
हाय, लम्बी जुदाई
इक तो सजन मेरे पास नहीं रे
दूजे मिलन दी कोई आस नहीं रे
उसपे ये सावन आया आग लगाई
लम्बी जुदाई…
टूटे ज़माने तेरे हाथ निगोड़े
दिल से दिलों के तूने शीशे तोड़े
हिज्र की ऊँची दीवार बनायी
लम्बी जुदाई…
बाग उजड़ गये खिलने से पहले
पंछी बिछड़ गये मिलने से पहले
कोयल की कूक ने हूक उठायी
लम्बी जुदाई..
