मैं ज़िन्दगी का साथ – Main Zindagi Ka Saath, Md.Rafi, Hum Dono
कुछ गीत ऐसे होते हैं जो सिर्फ़ सुनाई नहीं देते जीए जाते हैं। “Main Zindagi Ka Saath निभाता चला गया” ऐसा ही एक गीत है। यह गाना ज़िन्दगी के फ़लसफ़े को सबसे आसान, सबसे खूबसूरत अंदाज़ में बयान करता है। मोहम्मद रफ़ी साहब की दिलकश मुस्कान-सी आवाज़, जयदेव जी का सहज संगीत और साहिर लुधियानवी की गहरी सोच, तीनों मिलकर इसे अमर बना देते हैं।

मैं ज़िन्दगी का साथ – Main Zindagi Ka Saath Song Credits
- Movie/Album: हम दोनों (1961)
- Music : जयदेव
- Lyrics : साहिर लुधियानवी
- Singer : मो.रफ़ी
मैं ज़िन्दगी का साथ – Main Zindagi Ka Saath Song
मैं ज़िन्दगी का साथ निभाता चला गया
हर फ़िक्र को धुएँ में उड़ाता चला गया
बरबादियों का सोग मनाना फ़जूल था
बरबादियों का जश्न मनाता चला गया
हर फ़िक्र को…
जो मिल गया उसी को मुकद्दर समझ लिया
जो खो गया मैं उसको भुलाता चला गया
हर फ़िक्र को…
ग़म और ख़ुशी में फ़र्क़ न महसूस हो जहाँ
मैं दिल को उस मुक़ाम पे लाता चला गया
मैं ज़िन्दगी का साथ…
