कभी ख़ुद पे – Kabhi Khud Pe, Md.Rafi, Hum Dono
अगर दर्द की कोई आवाज़ होती, कोई सुर होता, कोई सांसों में घुलता हुआ एहसास होता तो वह मोहम्मद रफ़ी साहब की इस ग़ज़ल जैसा ही होता। “Kabhi Khud Pe, कभी हालात पे रोना आया” सिर्फ़ एक गीत नहीं, बल्कि इंसानी जज़्बातों का आईना है, जिसे जयदेव जी ने अपने सूफ़ियाना, सादगी भरे संगीत से और भी असरदार बना दिया।

कभी ख़ुद पे – Kabhi Khud Pe Song Credits
- Movie/Album: हम दोनों (1961)
- Music : जयदेव
- Lyrics : साहिर लुधियानवी
- Singers : मोहम्मद रफ़ी
कभी ख़ुद पे – Kabhi Khud Pe Song Lyrics in Hindi
कभी ख़ुद पे, कभी हालात पे रोना आया
बात निकली तो, हरेक बात पे रोना आया
कभी ख़ुद पे…
हम तो समझे थे कि हम भूल गए हैं उनको
क्या हुआ आज, ये किस बात पे रोना आया
कभी ख़ुद पे…
किसलिए जीते हैं हम, किसके लिए जीते हैं
बार-हा ऐसे सवालात पे रोना आया
कभी ख़ुद पे…
कौन रोता है किसी और की ख़ातिर ऐ दोस्त
सबको अपनी ही किसी बात पे रोना आया
कभी ख़ुद पे…
