मोती हो तो बाँध के रख दूँ – Moti Ho To Bandh ke Rakh Dun, Kishore Kumar, Daulat
“Moti Ho To Bandh ke Rakh Dun” एक ऐसा गीत है जो प्रेम के उस स्तर को छूता है जहाँ शब्द नहीं, भाव बोलते हैं। किशोर कुमार की मर्मस्पर्शी आवाज़, आर.डी. बर्मन की आत्मीय धुन और निदा फ़ाज़ली की भावनात्मक कविता मिलकर इस गीत को शाश्वत बना देती हैं। यह गाना उन लोगों के लिए है जो प्रेम को केवल भावना नहीं, एक साधना मानते हैं।
Moti Ho To
मोती हो तो बाँध के रख दूँ – Moti Ho To Bandh ke Rakh Dun Song Credits
- Movie/Album: दौलत (1982)
- Music : राहुल देव बर्मन
- Lyrics : निदा फ़ाज़ली
- Singer : किशोर कुमार
मोती हो तो बाँध के रख दूँ – Moti Ho To Bandh ke Rakh Dun Song Lyrics in Hindi
मोती हो तो बाँध के रख दूँ
प्यार छुपाऊँ कैसे
वो चेहरा है हर चेहरे में
उसे भुलाऊँ कैसे
मोती हो तो…
हो चाँद नहीं फूल नहीं
कोई नहीं उन सा हसीं
कौन हैं वो, क्या नाम है उनका
यहाँ बताऊँ कैसे
मोती हो तो…
हो खोया हुआ है हर समाँ
यार बिना सूना है जहां
नील गगन के चाँद को
बाँहों में ले आऊँ कैसे
मोती हो तो…
हो चाहे जिन्हें मेरी नज़र
हाय नहीं उनको ख़बर
बंद है मन्दिर का दरवाज़ा
फूल चढ़ाऊँ कैसे
मोती हो तो…
मोती हो तो बाँध के रख दूँ – Moti Ho To Bandh ke Rakh Dun Song

