मुझको मेरे बाद ज़माना ढूँढेगा – Mujhko Mere Baad Zamana Dhoondhega, Md.Rafi, Ek Nari Do Roop
“Mujhko Mere Baad Zamana Dhoondhega” एक भावनात्मक और आत्मगौरव से भरा गीत है, जो मोहब्बत के साथ-साथ इंसान की विरासत और यादों की अहमियत को भी दर्शाता है। मोहम्मद रफ़ी की आवाज़, असद भोपाली के बोल और लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल का संगीत, मिलकर इसे अमर बना देते हैं।

मुझको मेरे बाद ज़माना ढूँढेगा – Mujhko Mere Baad Zamana Dhoondhega Song Credits
Movie/Album: एक नारी दो रूप (1973)
Music By: गणेश
Lyrics : असद भोपाली
Singer : मो.रफ़ी
मुझको मेरे बाद ज़माना ढूँढेगा – Mujhko Mere Baad Zamana Dhoondhega Song Lyrics in Hindi
दिल का सूना साज़ तराना ढूँढेगा
तीर-ए-निगाह-ए-नाज़ निशाना ढूँढेगा
मुझको मेरे बाद ज़माना ढूँढेगा
लोग मेरे ख़्वाबों को चुरा के, ढालेंगे अफ़सानों में
मेरे दिल की आग बँटेगी, दुनिया के परवानों में
वक़्त मेरे गीतों का ख़ज़ाना ढूँढेगा
दिल का सूना साज़…
साथी मुझको याद करेंगे, भीगी-भीगी शामों में
लेकिन इक मासूम सा दिल भी, इन सारे हँगामों में
छुप-छुप के रोने का बहाना ढूँढेगा
दिल का सूना साज़…
आस का सूरज साथ रहेगा, जब साँसों की राहों में
ग़म के अंधेरे छट जायेंगे, मंज़िल होगी बाँहों में
प्यार धड़कते दिल का ठिकाना ढूँढेगा
दिल का सूना साज़…
