परदेसियों से ना अँखियाँ मिलाना – Pardesiyon Se Na Akhiyaan Milana, Md.Rafi, Jab Jab Phool Khile
“Pardesiyon Se Na Akhiyaan Milana” ऐसा गीत है जो सुनते ही दिल में एक मीठी–सी मुस्कान और पुरानी फ़िल्मों वाला जादुई एहसास जगाता है। रफ़ी साहब की आवाज़, आनंद बक्षी की सरल लेकिन प्रभावशाली शायरी और कल्याणजी-आनंदजी की सुरीली धुन तीनों मिलकर यह गीत क्लासिक रोमांस का मास्टरपीस बना देते हैं। यह गाना अपने बोल और संगीत से बिल्कुल वही माहौल तैयार करता है जिसमें एक मासूम दिल को प्यार का पहला डर और पहला आकर्षण दोनों महसूस होते हैं।

परदेसियों से ना अँखियाँ मिलाना – Pardesiyon Se Na Akhiyaan Milana Song Credits
- Movie/Album: जब जब फूल खिले (1965)
- Music : कल्याणजी-आनंदजी
- Lyrics : आनंद बक्षी
- Singer : मो.रफ़ी
परदेसियों से ना अँखियाँ मिलाना – Pardesiyon Se Na Akhiyaan Milana Song Lyrics in Hindi
परदेसियों से ना अँखियाँ मिलाना
परदेसियों को है इक दिन जाना
सच ही कहा है पंछी इनको
रात को ठहरें तो उड़ जाएं दिन को
आज यहाँ, कल वहाँ है ठिकाना
परदेसियों से ना…
बागों में जब-जब फूल खिलेंगे
तब-तब ये हरजाई मिलेंगे
गुज़रेगा कैसे पतझड़ का ज़माना
परदेसियों से ना…
प्यार से अपने ये नहीं होते
ये पत्थर हैं ये नहीं रोते
इनके लिये ना आँसू बहाना
परदेसियों से ना…
ना ये बादल ना ये तारे
ये कागज़ के फूल हैं सारे
इन फूलों के न बाग लगाना
परदेसियों से ना…
हमने यही इक बार किया था
इक परदेसी से प्यार किया था
रो-रो के कहता है दिल ये दीवाना
परदेसियों से ना…
आती है जब ये रुत मस्तानी
बनती है कोई न कोई कहानी
अबके बरस देखे बने क्या फ़साना
परदेसियों से ना..
