प्यार का पहला ख़त – Pyaar Ka Pehla Khat, Jagjit Singh, Ghazal
“Pyaar Ka Pehla Khat” एक भावनात्मक ग़ज़ल है, जिसे जगजीत सिंह ने अपनी मधुर आवाज़ में प्रस्तुत किया है। इस ग़ज़ल के बोल हस्तीमल ‘हस्ती’ द्वारा लिखे गए हैं, जो प्रेम, संबंधों और भावनाओं की गहराई को दर्शाते हैं। ग़ज़ल में यह बताया गया है कि सच्चे प्रेम और रिश्तों को समझने और निभाने में समय लगता है।

प्यार का पहला ख़त – Pyaar Ka Pehla Khat Ghazal Credits
- Movie/Album: फेस टू फेस (1994)
- Music By: जगजीत सिंह
- Lyrics : हस्ती
- Singer : जगजीत सिंह
प्यार का पहला ख़त – Pyaar Ka Pehla Khat Ghazal Lyrics in Hindi
प्यार का पहला ख़त लिखने में वक़्त तो लगता है
नए परिंदो को उड़ने में वक़्त तो लगता है
प्यार का पहला ख़त…
जिस्म की बात नहीं थी
उनके दिल तक जाना था
लम्बी दूरी तय करने में वक़्त तो लगता है
प्यार का पहला ख़त…
गाँठ अगर लग जाये तो
फ़िर रिश्ते हों या डोरी
लाख़ करें कोशिश खुलने में वक़्त तो लगता है
प्यार का पहला ख़त…
हमने इलाज-ए-जख़्में दिल तो
ढूँढ लिया लेकिन
गहरे जख्मों को भरने में वक़्त तो लगता है
प्यार का पहला ख़त…
