Raat Bhar Ka Hai

रात भर का है – Raat Bhar Ka Hai (Md.Rafi, Asha Bhosle, Sone Ki Chidiya)

1958 में रिलीज़ हुई फिल्म ‘सोने की चिड़ियां’ का गाना “रात भर का है Raat Bhar Ka Hai” भारतीय सिनेमा के स्वर्णिम युग का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस गाने ने न केवल उस समय के दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया बल्कि आज भी संगीत प्रेमियों के दिलों में विशेष स्थान बनाए हुए है।

“Raat Bhar Ka Hai” गाने का निर्माण 1958 में हुआ था। यह गाना फिल्म ‘सोने की चिड़ियां’ का हिस्सा था, जिसे उस समय के प्रमुख संगीतकारों और गीतकारों ने मिलकर तैयार किया था।

इस गाने के संगीतकार थे ओ. पी. नैय्यर, जो उस समय के प्रसिद्ध संगीतकारों में से एक थे। गीत के बोल लिखे थे जन निसार अख़्तर ने, जिनकी शायरी और गीतों ने हिंदी सिनेमा को कई यादगार पल दिए हैं।

रात भर का है - Raat Bhar Ka Hai

Raat Bhar Ka Hai

रात भर का है – Raat Bhar Ka Hai, Song Details…

  • Movie/Album: सोने की चिड़िया (1958)
  • Music By: ओ.पी.नैय्यर
  • Lyrics By: साहिर लुधियानवी
  • Singer : मोहम्मद रफ़ी, आशा भोंसले

रात भर का है – Raat Bhar Ka Hai Lyrics in Hindi

 

रात भर का है मेहमाँ अँधेरा
किस के रोके रुका है सवेरा
रात भर का है…

आ कोई मिल के तदबीर सोचें
सुख के सपनों की ताबीर सोचें
जो तेरा है वो ही ग़म है मेरा
किस के रोके रुका है सवेरा
रात भर का है…

रात जितनी भी संगीन होगी
सुबह उतनी ही रंगीन होगी
ग़म न कर गर है बादल घनेरा
किस के रोके रुका है सवेरा
रात भर का है…

रात भर का है – Raat Bhar Ka Hai , Video Song…

 

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