रिमझिम गिरे सावन – Rimjhim Gire Saawan – Kishore Kumar, Lata Mangeshkar
Rimjhim Gire Saawan गाना फिल्म मंजिल का एक उत्कृष्ट संगीत रचना है। इस गाने को स्वर दिया है महान गायक लता मंगेशकर और किशोर कुमार ने, और संगीतकार आर.डी. बर्मन ने इसे अपनी धुनों से सजाया है। गीतकार योगेश द्वारा लिखे गए इस गीत के बोल भारतीय मानसून के सुहावने पलों को बखूबी चित्रित करते हैं। आर.डी. बर्मन ने इस गीत में बारिश की रिमझिम धुन को खूबसूरती से पिरोया है। उनकी धुन में एक विशेषता है कि वे पारंपरिक भारतीय रागों का इस्तेमाल कर एक अद्वितीय आधुनिकता का अनुभव देते हैं। गाने की शुरुआत हल्की बारिश की ध्वनि से होती है, जो एक रोमांटिक माहौल को सेट करती है। लता मंगेशकर और किशोर कुमार की आवाज़ें इस गाने को एक नई ऊंचाई पर ले जाती हैं, उनकी गायन शैली में जो मिठास और भाव है, वह इस गाने को अद्वितीय बनाता है। Rimjhim Gire Saawan एक ऐसा गाना है जो हर संगीत प्रेमी के दिल के करीब है। इसका संगीत, बोल और गायकी सभी अद्वितीय हैं। यह गाना केवल एक फिल्मी गाना नहीं, बल्कि भारतीय संगीत का एक अमूल्य रत्न है। इसका सुनना हमें न केवल संगीत के प्रति प्रेम को बढ़ाता है, बल्कि भारतीय मानसून और उसमें छुपी भावनाओं को भी गहराई से समझने का मौका देता है।

रिमझिम गिरे सावन – Rimjhim Gire Saawan Song Details…
- Movie/Album: मंजिल
- Year : 1979
- Music By: आर.डी.बर्मन
- Lyrics By: योगेश
- Performed By: लता मंगेशकर, किशोर कुमार
रिमझिम गिरे सावन – Rimjhim Gire Saawan Lyrics in Hindi
रिमझिम गिरे सावन
सुलग-सुलग जाए मन
भीगे आज इस मौसम में
लगी कैसी ये अगन
रिमझिम गिरे सावन…
पहले भी यूँ तो बरसे थे बादल
पहले भी यूँ तो भीगा था आँचल
अब के बरस क्यूँ सजन, सुलग-सुलग जाए मन
भीगे आज इस मौसम में…
इस बार सावन दहका हुआ है
इस बार मौसम बहका हुआ है
जाने पी के चली क्या पवन, सुलग-सुलग जाए मन
भीगे आज इस मौसम में…
जब घुंघरुओं सी बजती हैं बूंदे
अरमाँ हमारे पलके न मूंदे
कैसे देखे सपने नयन, सुलग-सुलग जाए मन
भीगे आज इस मौसम में…
महफ़िल में कैसे कह दें किसी से
दिल बंध रहा है किस अजनबी से
हाय करें अब क्या जतन, सुलग-सुलग जाए मन
भीगे आज इस मौसम में…
रिमझिम गिरे सावन – Rimjhim Gire Saawan Lyrics in English
Rimajhim Gire Saavan
Sulag-Sulag Jae Man
Bheege Aaj Is Mausam Mein
Lagee Kaisee Ye Agan
Rimajhim Gire Saavan…
Pahale Bhee Yoon To Barase The Baadal
Pahale Bhee Yoon To Bheega Tha Aanchal
Ab Ke Baras Kyoon Sajan, Sulag-Sulag Jae Man
Bheege Aaj Is Mausam Mein…
Is Baar Saavan Dahaka Hua Hai
Is Baar Mausam Bahaka Hua Hai
Jaane Pee Ke Chalee Kya Pavan, Sulag-Sulag Jae Man
Bheege Aaj Is Mausam Mein…
Jab Ghungharuon See Bajatee Hain Boonde
Aramaan Hamaare Palake Na Moonde
Kaise Dekhe Sapane Nayan, Sulag-Sulag Jae Man
Bheege Aaj Is Mausam Mein…
Mahafil Mein Kaise Kah Den Kisee Se
Dil Bandh Raha Hai Kis Ajanabee Se
Haay Karen Ab Kya Jatan, Sulag-Sulag Jae Man
Bheege Aaj Is Mausam Mein…
