श्यामा आन बसो वृंदावन में – Shyama Aan Baso Vrindavan Mein
“Shyama Aan Baso Vrindavan Mein” एक अत्यंत भक्तिपूर्ण भजन है, जो श्रीकृष्ण की महिमा और वृंदावन की आध्यात्मिक ऊर्जा को दर्शाता है। तृप्ति शाक्य जी की मधुर आवाज़ और भजन की भक्तिरस से भरी भावनाएं इसे और भी प्रभावशाली बना देती हैं। इसे सुनते ही भक्तों का मन वृंदावन की गलियों में घूमने लगता है और वे श्रीकृष्ण के चरणों में लीन हो जाते हैं।

श्यामा आन बसो वृंदावन में – Shyama Aan Baso Vrindavan Mein Bhajan Credits
- Album Name: Kabhi Ram Banke Kabhi Shyam Banke
- Singer : Tripti Shakya
- Music Director: Dhananjay Mishra
- Music Label: T-Series
श्यामा आन बसो वृंदावन में – Shyama Aan Baso Vrindavan Mein Bhajan Lyrics
श्यामा आन बसो वृंदावन में,
मेरी उमर बीत गई गोकुल में,
मैं तो बन के दुल्हन आज सजी,
बस तुम ही हो मेरे तन मन में,
श्यामा आन बसो वृंदावन में,
मेरी उमर बीत गई गोकुल में ॥
मैं दर दर तुझको खोज रही,
हाँ पल पल तुझको सोच रही,
तेरी प्रीत में जीवन अर्पण है,
मेरी भक्ति का तू दर्पण है,
श्यामा आन बसो वृंदावन में,
मेरी उमर बीत गई गोकुल में ॥
जब मधुर मुरलिया बाजेगी,
अधरों पर खुशियाँ साजेगी,
तेरी छवि जो निहारूँ अंतस में,
तेरा वास दिखे मुझे कण कण में,
श्यामा आन बसो वृंदावन में,
मेरी उमर बीत गई गोकुल में ॥
श्यामा रास रचाने आओ ना,
प्रभु नटखट लीला दिखाओ ना,
‘स्वस्ति’ नाम जपे श्यामा श्यामा,
मिले सबको पनाह तेरे चरणन में,
श्यामा आन बसो वृंदावन में,
मेरी उमर बीत गई गोकुल में ॥
श्यामा आन बसो वृंदावन में,
मेरी उमर बीत गई गोकुल में,
मैं तो बन के दुल्हन आज सजी,
बस तुम ही हो मेरे तन मन में,
श्यामा आन बसो वृंदावन में,
मेरी उमर बीत गई गोकुल में ॥
