ये ज़ुल्फ़ अगर खुल के – Yeh Zulf Agar Khul Ke – Md.Rafi
ये ज़ुल्फ़ अगर खुल के: परिचय
फिल्म ‘काजल’ (1965) का प्रसिद्ध गीत “Yeh Zulf Agar Khul Ke” आज भी संगीत प्रेमियों के दिलों में बसता है। यह गाना न सिर्फ अपनी मधुर धुन के लिए बल्कि अपने गहरे बोल और शानदार प्रस्तुति के लिए भी जाना जाता है। इस लेख में हम इस गाने, इसकी फिल्म, और इसके सांस्कृतिक प्रभावों पर विस्तार से चर्चा करेंगे।
Yeh Zulf Agar Khul Ke
ये ज़ुल्फ़ अगर खुल के – Yeh Zulf Agar Khul Ke, Song Details…
- Movie/Album: काजल
- Year : 1965
- Music By: रवि
- Lyrics By: साहिर लुधियानवी
- Singer : मोहम्मद रफ़ी
ये ज़ुल्फ़ अगर खुल के – Yeh Zulf Agar Khul Ke Lyrics in Hindi
ये ज़ुल्फ़ अगर खुल के बिखर जाए तो अच्छा
इस रात की तक़दीर सँवर जाए तो अच्छा
ये ज़ुल्फ़ अगर…
जिस तरह से थोड़ी-सी तेरे साथ कटी है
बाक़ी भी उसी तरह गुज़र जाए तो अच्छा
ये ज़ुल्फ़ अगर…
दुनिया की निगाहों में भला क्या है बुरा क्या
ये बोझ अगर दिल से उतर जाए तो अच्छा
ये ज़ुल्फ़ अगर…
वैसे तो तुम्हीं ने मुझे बरबाद किया है
इल्ज़ाम किसी और के सर जाए तो अच्छा
ये ज़ुल्फ़ अगर…
ये ज़ुल्फ़ अगर खुल के – Yeh Zulf Agar Khul Ke, Videos …

