यूँ हसरतों के दाग़ – Yun Hasraton Ke Daag – Lata Mangeshkar, Adalat
“Yun Hasraton Ke Daag” फिल्म अदालत का एक दिल को छू लेने वाला गाना है, जिसे स्वर कोकिला लता मंगेशकर ने गाया है। यह गीत एक ऐसी स्त्री की भावना व्यक्त करता है, जो अपने दिल की गहराई में छिपे दर्द और खामोशियों को बयां करती है। मदन मोहन के संगीत और राजिंदर कृष्ण के गहरे बोल इस गीत को अमर बनाते हैं।

यूँ हसरतों के दाग़ – Yun Hasraton Ke Daag Song Credits
- Movie/Album: अदालत (1958)
- Music By: मदन मोहन
- Lyrics By: राजेंद्र कृषण
- Singer : लता मंगेशकर
यूँ हसरतों के दाग़ – Yun Hasraton Ke Daag Lyrics in Hindi
यूँ हसरतों के दाग़ मुहब्बत में धो लिये
खुद दिल से दिल की बात कही और रो लिये
घर से चले थे हम तो खुशी की तलाश में
ग़म राह में खड़े थे वही साथ हो लिये
खुद दिल से…
मुरझा चुका है फिर भी ये दिल फूल ही तो है
अब आप की ख़ुशी से काँटों में सो लिये
खुद दिल से…
होंठों को सी चुके तो ज़माने ने ये कहा
ये चुप सी क्यों लगी है अजी कुछ तो बोलिये
खुद दिल से…
यूँ हसरतों के दाग़ – Yun Hasraton Ke Daag Song
