तेरे द्वार खडा, मैं हार गया हूँ मेरे श्याम – Tere Dwar Khada Main Haar Gaya Hun Mere Shyam, Sanjay Mittal Ji
“Tere Dwar Khada Main Haar Gaya Hun Mere Shyam” एक ऐसा भजन है जो हमें यह सिखाता है कि जब जीवन की सारी राहें बंद हो जाएँ, तब ईश्वर के द्वार पर आत्मसमर्पण ही अंतिम और सच्चा रास्ता होता है। संजय मित्तल जी की आवाज़ और रचना दोनों ही इस भजन को अत्यंत विशेष बनाते हैं।

तेरे द्वार खडा, मैं हार गया हूँ मेरे श्याम – Tere Dwar Khada Main Haar Gaya Hun Mere Shyam Bhajan Credits
- Album – Tere Dwar Khada
- singer & Lyrics : Sanjay Mittal Ji
तेरे द्वार खडा, मैं हार गया हूँ मेरे श्याम – Tere Dwar Khada Main Haar Gaya Hun Mere Shyam Bhajan Lyrics
तेरे द्वार खड़ा,
तेरे द्वार खडा,
मैं हार गया हूँ मेरे श्याम,
मैं हार गया हूँ मेरे श्याम,
तेरे द्वार खडा,
तेरे द्वार खडा,
नहीं कोई ठिकाना है दुनिया में,
तेरे दर के सिवा मेरे श्याम,
तेरे दर के सिवा मेरे श्याम,
तेरे द्वार खडा,
तेरे द्वार खडा ॥
हारा हूँ मैं मेरे कर्मो के कारण,
थमता नहीं है आँखों से सावन,
मेरी अटकी भंवर बिच नैया,
खाए हिचकोले श्याम,
खाए हिचकोले श्याम,
हे श्याम हे श्याम,
तेरे द्वार खडा,
तेरे द्वार खडा ॥
लायक नहीं तेरे द्वार के बाबा,
पर मैं करूँ क्या समझ ना आता,
मेरे पापों की गिनती बड़ी है,
तुझे सब है पता मेरे श्याम,
हे श्याम हे श्याम,
तेरे द्वार खडा,
तेरे द्वार खडा ॥
सुनकर मैं चर्चा दर तेरे आया,
परिवार लाखों का तूने चलाया
करो मुझपे रहम मेरे बाबा,
पकड़ो मेरी बाहें श्याम,
पकड़ो मेरी बाहें श्याम,
हे श्याम हे श्याम,
तेरे द्वार खडा,
तेरे द्वार खडा ॥
तेरे द्वार खड़ा,
तेरे द्वार खडा,
मैं हार गया हूँ मेरे श्याम,
मैं हार गया हूँ मेरे श्याम,
तेरे द्वार खडा,
तेरे द्वार खडा,
नहीं कोई ठिकाना है दुनिया में,
तेरे दर के सिवा मेरे श्याम,
तेरे दर के सिवा मेरे श्याम,
तेरे द्वार खडा,
तेरे द्वार खडा ॥
