अभिमन्यु चक्रव्यूह में – Abhimanyu Chakravyuh Mein, Kishore Kumar, Inquilaab
“Abhimanyu Chakravyuh Mein” एक ऐसा गीत है जो युद्ध, वीरता, त्याग और भावनाओं का अद्भुत मिश्रण है। आनंद बक्षी के शक्तिशाली, मार्मिक और कथा-प्रधान बोलों को जब किशोर कुमार जैसी बहुमुखी आवाज़ का साथ मिलता है, तो गीत सिर्फ़ संगीत नहीं एक महाकाव्य प्रसंग का जीवंत चित्रण बन जाता है।

अभिमन्यु चक्रव्यूह में – Abhimanyu Chakravyuh Mein Song Credits
- Movie/Album: इंकलाब (1984)
- Music : लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल
- Lyrics : आनंद बक्षी
- Singer : किशोर कुमार
अभिमन्यु चक्रव्यूह में – Abhimanyu Chakravyuh Mein Song Lyrics in Hindi
अभिमन्यु चक्रव्यूह में फँस गया है तू
सम्भल सके तो सम्भल, निकल सके तो निकल
दुश्मनों के जाल से, दोस्तों की चाल से
सम्भल सके तो…
ये खुदगर्ज़ दरिन्दे हैं
इनको कुछ एहसास नहीं
अश्क़ों से बुझने वाली
इनके दिल की प्यास नहीं
ये पियेंगे तेरा लहू
अभिमन्यू चक्रव्यूह में…
भूल भुलैयों के जैसी
तेरे गिर्द लकीरें हैं
होंठों पर हैं पहरे तो
पैरों में ज़ंजीरें हैं
मुश्किलें खड़ी हैं चार सू
अभिमन्यु चक्रव्यूह में…
ओ भोले-भाले पंछी
क़ैद से कैसे छूटेगा
सर टकरा ले कुछ कर ले
ये पिंजरा न टूटेगा
उड़ने की तू ना कर आरज़ू
अभिमन्यू चक्रव्यूह में…
